अंधेरे में गूंजती रही हनुमान चालीसा... आधे घंटे तक लिफ्ट में कैद रहीं 4 मासूम बच्चियां, दिल दहला देगा वीडियो
ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने लोगों को भावुक भी कर दिया और अपार्टमेंट की लिफ्ट सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में चार छोटी बच्चियां एक बंद लिफ्ट के अंदर फंसी हुई दिखाई देती हैं। अचानक बिजली जैसी स्थिति बनने और लिफ्ट रुक जाने से चारों बच्चियां घबरा जाती हैं। चारों ओर अंधेरा छा जाता है, लेकिन डर के उस माहौल में भी बच्चियां हिम्मत नहीं हारतीं। खुद को संभालने और भय से बाहर निकलने के लिए वे मिलकर हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर देती हैं।
बताया जा रहा है कि यह घटना ग्रेटर नोएडा के गैलेक्सी वेगा अपार्टमेंट की है, जहां करीब आधे घंटे तक चारों बच्चियां लिफ्ट में फंसी रहीं। बाद में सोसायटी के कर्मचारियों और तकनीकी टीम की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस घटना के बाद एक बार फिर देशभर की हाईराइज सोसायटियों में लगी लिफ्टों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर बहस तेज हो गई है।
कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम?
जानकारी के अनुसार चार बच्चियां रोज की तरह अपार्टमेंट की लिफ्ट से ऊपर जा रही थीं। तभी अचानक लिफ्ट बीच रास्ते में रुक गई। कुछ ही क्षणों में लिफ्ट के अंदर अंधेरा हो गया। बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था और बच्चियां मदद के लिए आवाज लगाने लगीं।
कुछ समय तक जब कोई सहायता नहीं मिली तो चारों बच्चियां बेहद घबरा गईं। लेकिन उनमें से एक ने हिम्मत दिखाई और सभी ने मिलकर हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। वीडियो में बच्चियों की आवाज साफ सुनाई देती है, जहां वे लगातार भगवान हनुमान का स्मरण करते हुए खुद को शांत रखने की कोशिश करती हैं।
करीब 30 मिनट बाद तकनीकी कर्मचारियों ने लिफ्ट का दरवाजा खोलकर चारों बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी बच्ची को शारीरिक चोट नहीं आई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो देखने वाले लोग बच्चियों की हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों ने कहा कि इतने छोटे बच्चों ने जिस संयम के साथ स्थिति का सामना किया, वह प्रेरणादायक है।
वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने अपार्टमेंट प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर लिफ्ट का रखरखाव समय पर किया जाता तो शायद ऐसी स्थिति पैदा ही नहीं होती।
लिफ्ट आखिर क्यों फंसती है?
फिलहाल इस घटना में लिफ्ट रुकने का वास्तविक कारण सामने नहीं आया है। तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि खराबी बिजली आपूर्ति, कंट्रोल सिस्टम, मोटर, सेंसर या किसी अन्य तकनीकी वजह से हुई।
विशेषज्ञों के अनुसार लिफ्ट फंसने के कई कारण हो सकते हैं—
नियमित मेंटेनेंस न होना।
बिजली आपूर्ति में अचानक बाधा।
कंट्रोल पैनल में तकनीकी खराबी।
सेंसर या दरवाजे के लॉक सिस्टम में गड़बड़ी।
ओवरलोडिंग।
पुरानी हो चुकी लिफ्ट का समय पर नवीनीकरण न होना।
इनमें से किसी भी कारण से लिफ्ट अचानक बीच मंजिल में रुक सकती है।
अपार्टमेंट की लिफ्टें कितनी सुरक्षित?
देशभर में तेजी से हाईराइज बिल्डिंग और अपार्टमेंट बन रहे हैं। करोड़ों लोग रोजाना लिफ्ट का उपयोग करते हैं। लेकिन कई स्थानों पर लिफ्टों का रखरखाव बेहद खराब स्थिति में है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि हर लिफ्ट का निर्धारित समय पर निरीक्षण और सर्विसिंग होना जरूरी है। यदि समय पर जांच नहीं होती तो छोटी तकनीकी खराबियां भी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
कई पुराने अपार्टमेंट में आज भी ऐसी लिफ्टें चल रही हैं जिनकी उपयोग अवधि काफी पुरानी हो चुकी है। कई जगह सुरक्षा उपकरण पूरी तरह कार्य नहीं कर रहे हैं।
पहले भी हो चुके हैं कई हादसे
देश के अलग-अलग राज्यों से समय-समय पर लिफ्ट हादसों की खबरें सामने आती रही हैं। कहीं लिफ्ट अचानक गिर गई, कहीं बीच में फंस गई तो कहीं दरवाजा खुलते ही दुर्घटना हो गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश मामलों में नियमित निरीक्षण और समय पर मरम्मत की कमी सामने आती है। कई बार बिल्डिंग प्रबंधन लागत बचाने के लिए आवश्यक रखरखाव में लापरवाही करता है।
हालांकि हर लिफ्ट दुर्घटना का कारण अलग-अलग हो सकता है और किसी एक घटना के आधार पर सभी लिफ्टों को असुरक्षित नहीं कहा जा सकता। लेकिन ऐसी घटनाएं नियमित सुरक्षा जांच की आवश्यकता जरूर दर्शाती हैं।
लिफ्ट में फंस जाएं तो क्या करें?
यदि किसी कारणवश लिफ्ट बीच में रुक जाए तो घबराने की बजाय कुछ सावधानियां अपनानी चाहिए—
सबसे पहले शांत रहें और घबराहट से बचें।
लिफ्ट का अलार्म बटन दबाएं।
इमरजेंसी इंटरकॉम या हेल्पलाइन का उपयोग करें।
मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध हो तो परिवार या सुरक्षा कर्मियों को फोन करें।
दरवाजा जबरदस्ती खोलने की कोशिश न करें।
लिफ्ट से बाहर कूदने या निकलने का प्रयास बिल्कुल न करें।
मदद आने तक सुरक्षित स्थान पर खड़े रहें।
विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक लिफ्टों में पर्याप्त वेंटिलेशन होता है, इसलिए घबराने की बजाय सहायता का इंतजार करना सबसे सुरक्षित विकल्प होता है।
सोसायटी प्रबंधन की क्या जिम्मेदारी?
किसी भी आवासीय सोसायटी या व्यावसायिक भवन में लिफ्ट का सुरक्षित संचालन प्रबंधन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। इसके लिए नियमित सर्विसिंग, तकनीकी निरीक्षण, आपातकालीन अलार्म सिस्टम, बैकअप पावर, सीसीटीवी निगरानी और प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ उपलब्ध होना चाहिए।
साथ ही निवासियों को भी समय-समय पर सुरक्षा संबंधी जानकारी दी जानी चाहिए ताकि आपात स्थिति में सही निर्णय लिया जा सके।
"हनुमान चालीसा पढ़ रही ये बच्चियों लिफ्ट में फंसी हैं.."
— Vivek K. Tripathi (@meevkt) July 14, 2026
वीडियो ग्रेटर नोएडा का है.. गैलेक्सी वेगा अपार्टमेंट में चार बच्चियां लिफ्ट में चढ़ीं.. लिफ्ट अचानक बंद हो गई.. अंधेरा छा गया. बच्चियां घबरा गईं.. हिम्मत बंधाने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करती रहीं.. करीब आधे घंटे तक… pic.twitter.com/JXvbCyK3NB
लोगों ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से अपार्टमेंट की लिफ्ट की तकनीकी जांच कराने और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आए तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
सोशल मीडिया पर भी हजारों लोगों ने कहा कि केवल इस एक सोसायटी ही नहीं, बल्कि शहर की सभी हाईराइज इमारतों में लगी लिफ्टों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाना चाहिए ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
ग्रेटर नोएडा के गैलेक्सी वेगा अपार्टमेंट की यह घटना राहत देने वाली इसलिए रही क्योंकि चारों बच्चियां सुरक्षित बाहर निकाल ली गईं। लेकिन आधे घंटे तक अंधेरी लिफ्ट में फंसे रहना किसी भी बच्चे के लिए बेहद डरावना अनुभव हो सकता है। इस दौरान बच्चियों ने जिस साहस के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए खुद को संभाला, उसने सभी का दिल जीत लिया।
हालांकि यह घटना एक महत्वपूर्ण चेतावनी भी है कि बहुमंजिला इमारतों में लगी लिफ्टों की नियमित जांच, समय पर मेंटेनेंस और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाना बेहद जरूरी है। समय रहते यदि लापरवाही पर रोक नहीं लगी, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं किसी बड़े हादसे का रूप भी ले सकती हैं।

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